Saturday, April 14, 2018

आसिफा

हां थी आसिफा मुसलमान
तो क्या हो गया
एक बच्ची थी वो थी एक इंसान
दो शब्द लिख दोगे
तो क्या हो गया
न पढ़ो नमाज न मनाओ ईद
कोई गम नहीं
एक बच्ची की मौत का अफसोस करोगे
तो क्या हो गया  
हद कर दी जालिमों ने
शर्म नाक हुये हम सब
उन जालिमों के लिये
फांसी की मांग करोगे
तो क्या हो गया
हां हूँ मै हिन्दू
तो क्या हो गया
एक इंसानियत की बात है ये
बच्ची तो बच्ची है
वो थी मुसलमाँ तो क्या हो गया
ये जहर राजनीति का
तो क्या हो गया
किस कदर बढ़ रहा
जातिपात को भूल जाओगे
तो क्या हो गया

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